Ziddi Dil From MARY KOM - दिल की बात

Monday, 13 January 2020

Ziddi Dil From MARY KOM

Ziddi Dil  From MARY KOM


बस खुद की ही सुनता बातें, yea yea yeah
नादानी से हैं नाते, yea yea yeah
घुर्राता आते जाते, yea yea yeah
दिन को कहता ये रातें, yea yea yeah
हो देखे है आंखो में
किस्मत की आंखें डाले... hey!
हवा के कानों में जाके कहे
किस्मत पिद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है, ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है, ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
मनमानी के oye oye oye
शहर जाके oye oye oye
शैतानी लाता है
सर पे ये बांध के
छेड़खानी को oye oye oye
ये समझा के oye oye oye
नज़रों पे चुपके से लाता है पहन के
रहता सबसे टकराते, yea yea yeah
अपनी ही धुन में गाते, yea yea yeah
वो ओह देखे है आँखों में
किस्मत की आँखें डाले
हवा के कानों में जाके कहे
किस्मत पिद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है, ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है, ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
ये परछाइयों से छुपता यहां
ओहो. फिर तन्हाईयों से लड़ता यहां
जो चाहता है वो है किया
अपनी ही शर्तो पे ये है जिया
ओहो ज़िद्दी है ज़िद्दी है, ज़िद्दी है
कैसा, कैसा ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है, ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है, ज़िद्दी है
दिल ये ज़िद्दी है

1 comment:

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बेहतर से बेहतर कि तलाश करो,
मिल जाये नदी तो समंदर कि तलाश करो,
टूट जाता है शीशा पत्थर कि चोट से,
टूट जाये पत्थर ऐसा शीशा तलाश करो।