जाने क्या है इमोशनल इंटेलिजेंस - Emotional Intelligence - Dil Ki BaT - दिल की बात

Friday, 19 April 2019

जाने क्या है इमोशनल इंटेलिजेंस - Emotional Intelligence - Dil Ki BaT



इमोशनल इंटेलिजेंस (Emotional Intelligence)

DIL KI BAT .COM  में आपका स्वागत है।
इमोशनल इंटेलिजेंस (Emotional Intelligence) में हम देखेंगे कि कैसे हम अपने
आप को एक अच्छे, समझदार और बेहतर इंसान में बदल सकते हैं। हम देखेंगे कि
इमोशनल इंटेलिजेंस क्या है, इसका हो क्यों जरूरी है, हम कैसे इसे बढ़ा सकते हैं और
इसका इस्तेमाल अपनी जिन्दगी में कहाँ कर सकते हैं।

यह किसके लिए है
- वे जो भावनाओं के बारे में जानना चाहते हैं और उन पर काबू पाना चाहते हैं।
- वे जो एक अच्छा लीडर या मैनेजर बनना चाहते हैं।
- वे जो सफलता, सेहत और इमोशनल इंटेलिजेंस के बीच के संबंध के बारे में जानना चाहते हैं।
बरसों से हम किसी के IQ से उसकी सफलता के बारे में अनुमान लगाते
आएँ हैं। लेकिन क्या ऐसा सच में होता है कि तेज़ दिमाग वाले लोग ही
जिन्दगी में कुछ बड़ा काम करते हैं? नहीं। IQ से हम किसी कि सफलता
का अनुमान नहीं लगा सकते हैं।
ईमोशनल इंटेलिजेंस हमारे दिमाग कि वह क्षमता है जिसकी मदद से
हम अपनी और दूसरों की भावनाओं को समझ पाते हैं और उसके हिसाब से काम कर पाते हैं। यह किताब हमें इमोशनल इंटेलिजेंस के महत्व के बारे में बताती है। इसके अलावा इस किताब से हम यह सीखेंगे कि कैसे हम अपने इमोशनल इंटेलिजेंस की मदद से एक अच्छा समाज बना सकते हैं और अपने बच्चों को समझदार बना सकते हैं।
अपनी और दूसरों की भावनाओं को अच्छे से समझ कर उसके हिसाब से सही फैसले ले पाना ही
ईमोशनल इंटेलिजेंस है। इसकी मदद से हम बढते अपराधों को रोक सकते हैं, एक अच्छा समाज
बना सकते हैं, सफलता पा सकते हैं और खुद को एक खुश इंसान में बदल सकते हैं। हम खुद से
सवाल कर के इसे बढ़ा सकते हैं और इससे अपने रिश्तों को मजबूत बना सकते हैं।

क्या करें?
- अपने बच्चों से कहिए कि वे अपनी भावनाओं को आपके साथ बाँटें।
आपके बच्चों को अपनी भावनाओं की सही समझ नहीं होगी। इसलिए आप उनसे बातें कर के
उनकी भावनाओं को नाम दीजिए और उस भावना का इस्तेमाल करना सिखाइए।

-उनकी तारीफ कीजिए।
अगर आपका बच्चा कोई अच्छा काम कर के आता है या फिर अच्छे नंबर ले कर आता है तो आप
उसकी मेहनत और उसकी सफलता के लिए उसकी तारीफ कीजिए। ऐसा करने से उसका हौसला
बढ़ेगा। और अगर आप उसकी मेहनत की तारीफ करोगे तो वो भविष्य में और ज्यादा मेहनत करने
के लिए प्रेरित होगा..

- दूसरों की गलतियों की बुराई कीजिए, ना कि उस व्यक्ति की.
आप दूसरों की गलतियों में खराबी निकालिए ना कि उस व्यक्ति में। आप उन्हें बताइए कि वे किस
तरह से अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं। ऐसा करने पर आप उनके आत्मसम्मान को ठेस नहीं
पहुँचाएंगे जिससे वो आपकी इज्जत करेंगे।

- झगड़े के वक्त शांत रहना सीखें।
शांति से जिंदगी जीना खुद को सही साबित करने से ज्यादा जरूरी है। इसलिए आप झगड़े के वक्त
शांत हो जाइए। इससे झगड़ा तुरंत ही खत्म हो जाएगा।

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बेहतर से बेहतर कि तलाश करो,
मिल जाये नदी तो समंदर कि तलाश करो,
टूट जाता है शीशा पत्थर कि चोट से,
टूट जाये पत्थर ऐसा शीशा तलाश करो।