ऑनलाइन मार्केटप्लेस या ऑनलाइन स्टोर, बिजनेस के लिए दोनों में से क्या सही रहेगा? - दिल की बात

Saturday, 20 April 2019

ऑनलाइन मार्केटप्लेस या ऑनलाइन स्टोर, बिजनेस के लिए दोनों में से क्या सही रहेगा?

ऑनलाइन मार्केटप्लेस या ऑनलाइन स्टोर,
बिजनेस के लिए दोनों में से क्या सही रहेगा?


ऑनलाइन शॉपर्स की संख्या में दिनों दिन इजाफा होने से अव विजनेसेज के लिए अपनी ऑनलाइन उपस्थिति को नजरअंदाज करना मुश्किल है। हालांकि अपना बिजनेस ऑनलाइन ले जाने का फैसला करने पर आपका सामना दो विकल्पों से होता है- किसी ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर रजिस्टर करें या फिर अपना ऑनलाइन स्टोर शुरू करें।

यहां बताए जा रहे इन दोनों के फायदे-नुकसान जानकर आपको उनमें से एक को चुनने में जरूर असानी रहेगी।


ऑनलाइन मार्केटप्लेस


फ्लिपकार्ट या अमेजन पर सैलर अकाउंट बनाने के लिए वेबसाइट
आपके बिजनेस डॉक्युमेट,म बैंक अकाउंट और टैक्स डॉक्यूमेंटस
वेरिफाई करती हैं। रजिस्टर करने के बाद आप प्रोडक्ट को लिस्ट
कर और कीमत तय कर उन्हें बेचना शुरू कर सकते हैं। यह
वेबसाइट 3 से 25 प्रतिशत कमीशन और 5 से 40 रुपए की
फीस के अलावा हर बार शिपमेंट पर 25 से 860 रूपए का शिपिंज चार्ज लेती
हैं। इस प्लेटफॉर्म पर  बिक्री के 7 से 5 दिन में आपको अपना पेमेंट
मिल जाता है लेकिन अगर आप एक स्माल सैलर हैं, तो यह charges
आपके मुनाफे में भारी कमी कर सकते हैं।

फायदे :

वेबसाइट पर अच्छे ट्रैफिक की वजह से
आपको मार्केटिंग या  प्रोफेशनल कैम्पेन की फिक्र नही करनी पड़ती
और न ही कोई सेटअप कॉस्ट अदा करने पड़ते हैं।


नुकसान :
आसन रिटर्न पॉलिसी के कारण कई वर
विके हुऐ प्रोडक्ट्स वापिस आ जाते हैं। कैंसिलेशन व एक्सचेंज से रेवेन्यु कम होता है और पेमेंट में देरी होती है।


ऑनलाइन स्टोर



अपना ऑनलाइन स्टोर बनाने के लिए आप किसी ई-कॉमर्स
सॉल्यूशन प्लेटफॉर्म की मदद ले सकते हैं। शोपिफाई व
Godaddy जैसे प्लेटफॉर्म, होस्टेड सॉल्यूशंस मुहैया करवाते
है जिसका मतलब है कि वे आपके स्टोर को होस्ट व विल्ड
करेंगे। इसके लिए ये प्लेटफॉर्म आपसे प्रतिमाह निर्धारित
की गई फीस वसूलते हैं। वहीं वी कॉमर्स और प्रेसटा शॉप
जैसे ओपन सोर्स सॉल्यूशंस निशुल्क तौर पर उपलब्ध हैं,
हालांकि इन्हें बील्ड व होस्ट खुद ही करना पड़ता है।

फायदे :

google शॉपिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
से इंटीग्रेट कर ऑनलाइन स्टोर को विजिबिलिटी बढ़ाने में
मदद मिलती है। ग्राहक से सीधे बात करने के साथ ही आप
अपनी रिटर्न और एक्सचेंज पॉलिसी खुद बना सकते हैं।

नुकसान

 ग्राहक का विश्वास जीतने के लिए वेबसाइट
का प्रमाणिक होना और गुणवत्तापूर्ण प्रोडक्ट का होना जरूरी
है। ट्रैफिक लाने में चूक होने पर लागत बढ़ भी सकती है।


 तो दोस्तों कैसी लगी  ये  ब्लॉग ,  
हमें जरूर बताये  नीचे कमेंट  करे या  dilkibat999@gmail.com  पर हमें मेल करे।
अपना बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद्।  

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बेहतर से बेहतर कि तलाश करो,
मिल जाये नदी तो समंदर कि तलाश करो,
टूट जाता है शीशा पत्थर कि चोट से,
टूट जाये पत्थर ऐसा शीशा तलाश करो।